ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने कहा था, “सपने वह नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, सपने वह हैं जो हमें सोने नहीं देते।” आज तकनीक के कारण मनुष्य अपने सपनों को पहले से अधिक तेजी से पूरा कर सकता है। तकनीक ने हमारे जीवन और समाज को बहुत बदल दिया है। पहले जिन कामों को करने में बहुत समय लगता था, आज वे बहुत जल्दी पूरे हो जाते हैं और दूर रहने वाले लोग भी तुरंत एक-दूसरे से बात कर सकते हैं।
तकनीक का बड़ा प्रभाव शिक्षा और ज्ञान पर पड़ा है। आज विद्यार्थी नई-नई जानकारियाँ आसानी से प्राप्त कर सकते हैं और बहुत कुछ सीख सकते हैं। इससे सीखने के नए अवसर मिलते हैं और दुनिया के बारे में समझ बढ़ती है। तकनीक के कारण पढ़ाई अधिक सरल और रोचक बन गई है।
हालाँकि तकनीक का अधिक और गलत उपयोग हानिकारक भी हो सकता है। यदि हम इसका उपयोग समझदारी से करें, तो यह समाज के विकास में बहुत सहायक बन सकती है। इसलिए हमें तकनीक का प्रयोग संतुलन और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए, तभी यह समाज के लिए वास्तव में लाभदायक सिद्ध होगी।
लेखिका
अद्विता सिंह
क्लास – VIII


